2015-05-14

Lokpal and Lokayukta Act 2013

New Delhi: The Delhi High Court on Tuesday stayed one of the sections of "The Lokpal and Lokayukta Act 2013", which compels spouse and /or children of the public servant  to declare  assets and liabilities, so that the information could be published on a public portal.

The Division Bench headed by Justices S Ravindra Bhat and Vipin Sanghi ruled that that information reagrding asset liability of spouses and/or dependent children will not be disclosed to the public by government departments. 

मै गुजरे पल को सोचूँ

मै यादों का किस्सा खोलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत
याद आते हैं.. 


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      मै गुजरे पल को सोचूँ       
      तो कुछ दोस्त
      बहुत याद आते हैं.. 

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योगी भोग के बाहर ले जाता है

खोज से कभी परमात्मा नहीं मिलता।
खोज—खोज कर तो इतना ही पता चलता है. खोजने में कुछ भी नहीं है। एक दिन खोजते—खोजते खोज ही गिर जाती है; खोज के गिरते ही परमात्मा मिलता है। बुद्ध ने छह वर्ष तक खोजा। खूब खोजा! उन से बड़ा खोजी और कहां खोजोगे? जहां— जहां खबर मिली कि कोई ज्ञान को उपलब्ध है, वहां —वहां गये। सभी चरणों में सिर रखा। जो गुरुओं ने कहा वही किया। गुरु भी थक गये उनसे। क्योंकि गुरु उन शिष्यों से कभी नहीं थकते जो आज्ञा का उल्लंघन करते हैं। उनसे कभी नहीं थकते! क्योंकि उनके पास सदा कहने को है कि तुम आज्ञा मान ही नहीं रहे, इसलिए कुछ नहीं घट रहा है, हम क्या करें? गुरु को बड़ी सुविधा है, अगर तुम गुरु की न मानो। वह सदा कह सकता है कि तुमने माना ही नहीं, मानते तो घट जाता। मगर बुद्ध के साथ गुरु मुश्किल में पड़ गये। जो गुरुओं ने कहा, बुद्ध ने वही किया। उन्होंने एक सेर कहा तो बुद्ध ने सवा सेर किया। गुरु ने आखिर उनसे हाथ जोड़ लिये कि तू भई कहीं और जा; जो हम बता सकते थे बता दिया।

कोशिश कर, हल निकलेगा

कोशिश कर, हल निकलेगा।
आज नही तो, कल निकलेगा।
अर्जुन के तीर सा सध,/
मरूस्थल से भी जल निकलेगा।।
मेहनत कर, पौधो को पानी दे,
बंजर जमीन से भी फल निकलेगा।
ताकत जुटा, हिम्मत को आग दे,

पतियों को i love you कब बोला

शादीशुदा ओरतो के एक सेमिनार में, ओरतों से एक सवाल पूछा गया कि आपने लास्ट टाइम अपने पतियों को i love you कब बोला था ?
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किसी ने कहा "आज ही बोला है"
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किसी ने कहा "दो दिन पहले बोला है"
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किसी ने कहा दस दिन पहले बोला है "
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Income-tax Act Section 80E

Press Information Bureau
Government Of India
Ministry of Finance
05-May, 2015

Section 80E of the Income-tax Act, 1961 provides that in computing the total income of an individual, their shall be allowed a deduction of the amount paid by way of interest on loan taken by him from any financial institution or approved charitable institution for the purpose of pursuing his own higher education or higher education of his spouse, or children, or the student for whom he is the legal guardian. The deduction is available for eight assessment years beginning with the assessment year in which the payment of interest on such loan is first made or until the interest is paid in full, whichever is earlier. This deduction is available to every individual who is liable to income-tax. No specific funds are earmarked for the purposes of extending tax concession against interest paid on education loan.

आंखों का दर्पण


अष्‍टावक्र ने कहा, तू सबका एक द्रष्टा है और सदा सचमुच मुक्त है। तेरा बंधन तो यही है कि तू अपने को छोड़ दूसरे को द्रष्टा देखता है।’

यह सूत्र अत्यंत बहुमूल्य है। एक—एक शब्द इसका ठीक से समझें!

‘तू सबका एक द्रष्टा है। एको द्रष्टाऽसि सर्वस्व! और सदा सचमुच मुक्त है।’

साधारणत: हमें अपने जीवन का बोध दूसरों की आंखों से मिलता है। हम दूसरों की आंखों का दर्पण की तरह उपयोग करते हैं। इसलिए हम द्रष्टा को भूल जाते हैं, और दृश्य बन जाते है। स्वाभाविक भी है।

छत्तीसगढ़ अजब है !छत्तीसगढ़ ग़ज़ब है

CG छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ अजब है ! छत्तीसगढ़ ग़ज़ब है !!



अच्छा चलिए : आप कैसे पता करेंगें कि आप छत्तीसगढ़ के किस कोने में हैं  ???
1) दो आदमी लड़ रहे हैं,
एक आदमी आता है,
उन्हें देखता है
और
चला जाता है... ये रायपुर है.

2) दो आदमी लड़ रहे हैं,
एक आदमी आता है, उन्हें समझाने की कोशिश करता है, फलस्वरुप दोनों लड़ना छोड़ कर समझाने वाले को मारने लग जाते हैं...
ये 'बिलासपुर' है.

सुगम का सत्य से सम्बन्ध

गंभीर मत होओ।
अपनी गपशप का आनंद लो,
जीवन की छोटी-छोटी चीजों का,
जीवन के छोटे-छोटे सुखों का आनंद लो।
यह सब तुम्हारे अंतस को समृद्ध करते हैं।
सुगम है मंदिर जाना; मन में जाना कठिन है।

2015-05-11

छोटा सा जीवन


छोटा सा जीवन है, लगभग 80 वर्ष।
उसमें से आधा =40 वर्ष तो रात को
बीत जाता है। उसका आधा=20 वर्ष
बचपन और बुढ़ापे मे बीत जाता है।
बचा 20 वर्ष। उसमें भी कभी योग,
कभी वियोग, कभी पढ़ाई,कभी परीक्षा,
नौकरी, व्यापार और अनेक चिन्ताएँ
व्यक्ति को घेरे रखती हैँ।अब बचा ही
कितना ? 8/10 वर्ष। उसमें भी हम

जैविक घड़ी पर आधारित शरीर की दिनचर्या

जैविक घड़ी पर आधारित शरीर की दिनचर्या ------

प्रातः 3 से 5 – इस समय जीवनीशक्ति विशेष रूप से फेफड़ो में होती है। थोड़ा गुनगुना पानी पीकर खुली हवा में घूमना एवं प्राणायाम करना । इस समय दीर्घ श्वसन करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता खूब विकसित होती है। उन्हें शुद्ध वायु (आक्सीजन) और ऋण आयन विपुल मात्रा में मिलने से शरीर स्वस्थ व स्फूर्तिमान होता है। ब्रह्म मुहूर्त में उठने वाले लोग बुद्धिमान व उत्साही होते है, और सोते रहनेवालो का जीवन निस्तेज हो जाता है ।

जियो, और पति को जीने दो - पति पत्नी जोक्स

 जियो, और पति को जीने दो - पति पत्नी जोक्स


मान्सून ऑफर 

पत्नी ने दुकान के बाहर एक बोर्ड लगा देखा..
मान्सून ऑफर सिर्फ़ आज के लिए!
बनारसी साड़ी 10 रुपये..
नाइलॉन 8 रुपये..
कॉटन 5 रुपय..
पत्नी खुश हो गयी और पति से बोली,
"मुझे 500 रुपये दो ना, मुझे 50 साड़ियाँ ख़रीदनी है!!"
पति : ओ सूरदास की माँ, ध्यान से देख, स्त्री करने की दुकान है!

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दूसरी शादी

पति :अगर मैं मर गया तो तुम दूसरी शादी करोगी ..?
पत्नी : नहीं ..! मैं अपनी बहन के साथ पूरी जिन्दगी रह लूँगी ..!
पत्नी : अगर मैं मर गई तो तो तुम दूसरी शादी करोगे .?
पति : मैं भी तुम्हारी बहन के साथ पूरी जिन्दगी रह लूँगा . :

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गोबर जैसा

हसबैंड : ये कैसा खाना बनाया है तुमने , बिलकुल गोबर जैसा ......?
..
वाइफ : हे भगवन इस आदमी ने तो हर चीज़ चख राखी है .

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शादी का फ़ायदा

पति : तुम्हारे साथ शादी करके मुझे 1 फ़ायदा तो हुआ है!!
पत्नी (खुश होते हुए) : कौनसा फ़ायदा ??
पति : मुझे मेरे गुनाहों की सज़ा इसी दुनिया में ही मिल गयी!!!


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2015-05-10

लड़ाई अपनों से हो तब जीतना आवश्यक

हरिवंशराय बच्चन ने अपनी कविताओ में कुछ बहुत ही सूंदर लाइनें लिखी थी...

हारना तब आवश्यक हो जाता हैजब लड़ाई "अपनों" से हो !और जीतना तब आवश्यक हो जाता हैजब लड़ाई "अपने आप " से हो ! !मंजिले मिले , ये तो मुकद्दर की बात हैहम कोशिश ही न करे ये तो गलत बात है...