कतारें थककर भी खामोश हैं,नजारे बोल रहे हैं।नदी बहकर भी चुप है मगर किनारे बोल रहे हैं।
ये कैसा जलजला आया है मेरे देशमें इन दिनों,
झोंपडी मेरी खडी है और महल उनके डोल रहे हैं।।
परिंदों को तो रोज कहीं से गिरे हुए दाने जुटाने थे।
पर वे क्यों परेशान हैं जिनके घरों में भरे हुए तहखाने थे
पर वे क्यों परेशान हैं जिनके घरों में भरे हुए तहखाने थे
salute to writer of this shayari!
शादी में डी जे वाला अचानक बेहोश होते होते बचा, क्योकि
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एक लडकी ने फरमाइस की
"भैया कोई पतंजलि का रिमिक्स हो तो बजाइये." जो कानो के लिये हेल्दी हो.
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एक लडकी ने फरमाइस की
"भैया कोई पतंजलि का रिमिक्स हो तो बजाइये." जो कानो के लिये हेल्दी हो.
पिता- अगर तू फिर परीक्षा में फेल हुआ तो मुझे
पापा मत बोलना
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रिजल्ट के बाद ..
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पिता- तुम्हारा रिजल्ट कैसा रहा?
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पुत्र- दिमाग खराब मत कर मदनलाल, तूने बाप
होने का हक खो दिया है..
पापा मत बोलना
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रिजल्ट के बाद ..
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पिता- तुम्हारा रिजल्ट कैसा रहा?
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पुत्र- दिमाग खराब मत कर मदनलाल, तूने बाप
होने का हक खो दिया है..














