2014-11-12

संतोष

एक व्यक्ति के पास दो मंजिला मकान है। उसके घर के दायीं ओर एक पांच मंजिला मकान है और बायीं तरफ एक झोपड़ी। जब वह दायीं ओर देखता है तो अपने भाग्य को कोसते हुए दुखी होता है और जब बायीं ओर देखता है तो खुश होता है। देखा जाए तो उस व्यक्ति की खुशी या दुख केवल मस्तिष्क जनित है। हम में से बहुत से लोग मन ही मन हर इंदिय सुख को सुखी जीवन से जोड़ते हैं।

 कुछ विचारकों का मानना है कि सुख केवल इंद्रिय विषयक नहीं है यानी उपभोग की वस्तुओं में नहीं है। इसी तरह असुख या दुख भी हमारे मन की कल्पना मात्र है।

असन्तुष्ट राजा की कहानी

 एक असन्तुष्ट राजा की कहानी 

       एक दिन वह अपने खजाने का मुआइना करने गया । खजाने में सोने – चाँदी भरा देखकर अपने सैनिक से खुश होकर कहा, ’सैनिक ! इस खजाने में जितना धन है, इन्हें देखकर क्या तुमको लगता है कि इससे मेरी पीढ़ी दर पीढ़ी सुख की जिंदगी बिता सकेगी । उन्हें कभी धन की कमी नहीं होगी ।’ सैनिक कुछ देर तक खजाने को निहारा,फ़िर बोला, ’ महाराज ! यह सिर्फ़ सात पीढ़ियों के लिए है । आठवीं पीढ़ी को धन का अभाव भोगना होगा ।

हँसी की बहार

हँसी की बहार

2 cockroach ICU mein ek doosre ke bagal ke bed mein zakhmi halat me  admit the...
ek ne doosre se poocha.... HIT ya chappal??


nahi yaar, yeh ladkiyaan bhi dekh dekh kar itna chillatii hai, ki heart attack aa gaya 





वो  मुड़ मुड़ के देख रहे थे हमें,
हम मुड़ मुड़ के देख रहे थे उन्हें,
वो हमें, हम उन्हें,
हम उन्हें, वो हमें,
क्योंकि  परीक्षा में …
न उन्हें कुछ आता था, न हमें !!!

समस्या को अलग अलग नजरिये से देखे

पिताजी कोई किताब पढने में व्यस्त थे , पर उनका बेटा बार-बार आता और उल्टे-सीधे सवाल पूछ कर उन्हें डिस्टर्ब कर देता . पिता के समझाने और डांटने का भी उस पर कोई असर नहीं पड़ता.


तब उन्होंने सोचा कि अगर बच्चे को किसी और काम में उलझा दिया जाए तो बात बन सकती है. उन्होंने पास ही पड़ी एक पुरानी किताब उठाई और उसके पन्ने पलटने लगे. तभी उन्हें विश्व मानचित्र छपा दिखा , उन्होंने तेजी से वो पेज फाड़ा और बच्चे को बुलाया – ” देखो ये वर्ल्ड मैप है , अब मैं इसे कई पार्ट्स में कट कर देता हूँ , तुम्हे इन टुकड़ों को फिर से जोड़ कर वर्ल्ड मैप तैयार करना होगा.”


और ऐसा कहते हुए उन्होंने ये काम बेटे को दे दिया. बेटा तुरंत मैप बनाने में लग गया और पिता यह सोच कर खुश होने लगे की अब वो आराम से दो-तीन घंटे किताब पढ़ सकेंगे .

पत्नी द्वारा पति को रोमांटिक मैसेज

पत्नी जब मायके जाती है और फिर जब पति कि याद आती है तो कैसे रोमांटिक मैसेज भेजती है:

"मेरी मोहब्ब्त को अपने दिल में ढूंढ लेना;

और हाँ, आटे को अच्छी तरह गूँथ लेना!


मिल जाए अगर प्यार तो खोना नहीं;
प्याज़ काटते वक्त बिलकुल रोना नहीं!

मुझसे रूठ जाने का बहाना अच्छा है;
थोड़ी देर और पकाओ आलू अभी कच्चा है!

पूजन में ध्यान रखने योग्य सामान्य नियम

पूजन में ध्यान रखने योग्य सामान्य नियम

1. - पूजन में चावल विशेष रूप से अर्पित किए जाते हैं। पूजन के लिए ऐसे चावल का उपयोग करना चाहिए जो खंडित या टूटे हुए ना हो। चावल चढ़ाने से पहले इन्हें हल्दी से पीला कर लेना चाहिए। पानी में हल्दी घोलकर उसमें चावल को डूबो कर पीला किया जा सकता है।

तुम अब भी मेरे दोस्त हो

तुम अब भी मेरे दोस्त हो


तेरे भी कुछ फ़साने हैं,मेरे भी कुछ फ़साने हैं.

चुप रहने के लिए तो,सेंकडो बहाने है.

दो बात मैं कहूं,दो बात तुम कहो.

ज़िन्दगी के बुलबुलों को चलो कुछ और फुलाएं

चलो ज़िन्दगी के इस बुलबुले को
कुछ और फुलाएं,

एक मुस्कान तुम फूंको और एक मैं.
सरकती हुई बैलगाड़ी को
धडधडाती रेल के पहिये लगाएं.
इस फीकी दाल में,
कुछ चटपटा छोंक लगाएं.
आओ ज़िन्दगी के बुलबुले को,
कुछ और फुलाएं.

कैसा होगा नया कानून मोटर व्हीकल एक्ट

कैसा होगा नया कानून मोटर व्हीकल एक्ट


1 सरकार सड़कों पर ऐसी जगह चिन्हित करेगी, जहां 10 से ज्यादा हादसे हुए हैं.



२ सरकारी और पुलिस गाडिय़ां भी नियम तोड़ती हैं, इसे रोकने के लिए चौराहों पर कैमरे लगाए जाएंगे.

ट्रेन के कोच नंबर एस-1 की 71 नंबर की बर्थ

ट्रेन के कोच नंबर एस-1 की 71 नंबर की बर्थ

ट्रेन में जीआरपी को तलाशने की मशक्कत से यात्रियों को निजात


ट्रेन में अपराध या अन्य कोई परेशानी होने पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) या शासकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को तलाशने की मशक्कत से यात्रियों को निजात मिलने जा रही है. मार्च के अंत से हर ट्रेन के कोच नंबर एस-1 की 71 नंबर की बर्थ पर आरपीएफ या जीआरपी का स्टाफ मौजूद रहेगा. भोपाल रेल मंडल में आरंभिक तौर पर यह व्यवस्था भोपाल एक्सप्रेस, अमरकंटक, रेवांचल, भोपाल-लखनऊ एक्सप्रेस के अलावा भोपाल-हावड़ा और हबीबगंज-एलटीटी एक्सप्रेस में लागू की जा रही है. अगले चरण में जन शताब्दी एक्सप्रेस को भी इस सुविधा से जोड़ा जाएगा.

रेलवे नई सुविधा देने के पहले यात्रियों को इसकी जानकारी देगा, इसके लिए सामान्य और रिजर्व टिकट पर इस सुविधा के संबंध में जानकारी प्रिंट कराई जाएगी, ई-टिकट पर भी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) द्वारा यह जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी.

फिलहाल यह है व्यवस्था

वर्तमान में हर ट्रेन में सुरक्षा बलों के लिए बर्थ रहती है, लेकिन यात्रियों को इस बारे में जानकारी नहीं होती. इस कारण यात्रियों को कम्प्लेंट करने के लिए ट्रेन में जवानों को तलाशना पड़ता है.

भोपाल रेल मंडल के आरपीएफ कंट्रोल रूम के मोबाइल फोन नंबर 097524-16060 पर यात्री कोई घटना होने या सुरक्षा बलों से संबंधित शिकायत कर सकते हैं.


अमीर कौन ? - कहानी

अमीर कौन ? - कहानी

सर एक कप दूध मिलेगा क्या ??6 माह के बच्चे की माँ ने 3 स्टारहोटल मैनेजर से पूछा.....!!..
मैनेजर "हाँ, 100 रू.मेँ मिलेगा".......!! "ठीक ...है दे दो" महिला ने कहा.....


जो पिकनिक के दौरान इस होटल मेँ ठहरी, सुबह जब गाड़ी मे जा रहे थे तो बच्चे को फिर भूख लगी, गाडी को टूटी झोपड़ी वाली पुरानी सी चाय की दुकान पर रोका…… 
बच्चे को दूध पिला कर शांत किया.........!
दूध के पैसे पूछने पर बूढा दुकान मालिक बोला - "बेटी हम बच्चे के दूध के पैसे नहीं लेते, यदि रास्ते के लिए चाहिए तो लेती जाओ!."बच्चे की माँ के दिमाग मे एक सवाल बार बार घूम रहा था कि अमीर कौन ??3 स्टार होटल वाला, या टूटी झोपड़ी वाला ??



मिली थी जिन्दगी किसी के 'काम' आने के लिए.. 
पर वक्त बित रहा है कागज के टुकड़े कमाने के लिए.. क्या करोगे इतना पैसा कमा कर..?ना कफन मे 'जेब' है ना कब्र मे 'अलमारी..
और ये मौत के फ़रिश्ते तो 'रिश्वत' भी नही लेते.................



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2014-11-10

संवाद - रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद

रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद के बीच एक दुर्लभ संवाद

स्वामी विवेकानंद     :  मैं समय नहीं निकाल पाता. जीवन आप-धापी से भर गया है.

रामकृष्ण परमहंस   :  गतिविधियां तुम्हें घेरे रखती हैं. लेकिन उत्पादकता आजाद करती है.


स्वामी विवेकानंद     :  आज जीवन इतना जटिल क्यों हो गया है?    
      

2014-11-08

ठण्ड शुरू विनम्र निवेदन

एक विनम्र आग्रह:

ठण्ड शुरू हो गई है, आप सभी से विनम्रता पूर्वक निवेदन है कि आप जब भी रात्रि में अपनी कार या अन्य वाहनों से निकले तो अपने पुराने ऊनी कपडे और कम्बल वगैरह साथ रख लें !