हास्य कविता - मुश्किल है अपना मेल प्रिये--- -
ये प्यार नहीं है खेल प्रिये
तुम एम.ए. फर्स्ट डिवीजन हो ---- मैं हुआ मैट्रिक फेल प्रिये
तुम फौजी अफसर की बेटी---- मैं तो किसान का बेटा हूं
तुम रबडी खीर मलाई हो----मैं तो सत्तू सपरेटा हूं
तुम ए.सी. घर में रहती हो---- मैं पेड. के नीचे लेटा हूं
तुम नई मारूति लगती हो----मैं स्कूटर लम्ब्रेटा हूं












