अंग्रेजी नववर्ष मनायें, परंतु भारतीय नववर्ष भी ज़रूर मनाऐं..
इस बार
21 मार्च 2015 को
पूरे हर्षोल्लास के साथ भारतीय नववर्ष मनाएं, ताकि दुनिया को भी पता चले कि हमें अपनी संस्कृति जान से प्यारी है..।
हमारा तो नया साल होगा शुभ संवत 2072 (चैत्र शुक्ल एकम्) 21 मार्च 2015 तब हम कहेंगे.
आपको नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं
आप सबसे अनुरोध है कि भारतीय नव वर्ष का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार और समर्थन करे...
भारतीय संस्कृति के हित में
इस कविता को भी याद रखना चाहिए
अँग्रेजी सन को अपनाया,
विक्रम संवत भुला दिया है
अपनी संस्कृति, अपना गौरव
हमने सब कुछ लुटा दिया है...
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जनवरी-फरवरी अक्षर-अक्षर
बच्चों को हम रटवाते हैं..
मास कौन से हैं संवत के,
किस क्रम से आते-जाते हैं...
व्रत, त्यौहार सभी अपने हम
संवत के अनुसार मनाते हैं...
पर जब संवतसर आता है,
घर-आँगन क्यों नहीं सजाते हैं...
माना तन की पराधीनता की बेड़ी तो टूट गई है...
भारत के मन की आज़ादी लेकिन पीछे छूट गई है...
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सत्य सनातन पुरखों वाला
वैज्ञानिक संवत अपना है.
क्यों ढोते हम अँग्रेजी केलेंडर को जो दुष्फलदाई सपना है...
अपने आँगन की तुलसी को,
अपने हाथों जला दिया है...
अपनी संस्कृति, अपना गौरव,
हमने सब कुछ लुटा दिया है...
सर्वश्रेष्ठ है संवत अपना
हमको इसका ज्ञान नहीं हैं...
अँग्रेजी सन को अपनाया,
विक्रम संवत भुला दिया है...
अपनी संस्कृति, अपना गौरव
हमने सब कुछ लुटा दिया है...
कृपया इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा साझा कर, सनातन भारतीय संस्कृति की रक्षा करने में अपना योगदान प्रदान करे !
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