2015-01-19

भाई बहन का रिश्ता

रिश्ते बहुत है जिंदगी में हमारी। 

हर रिश्ते की अलग पहचान।
माँ से,पिता से ,दोस्तों से।
सब तो खास है।
पर एक रिश्ता जो इन सबका मेल है।
वो है भाई और बहन का।
कभी पिता बनके सम्भलता है।
तो माँ बनके दुलारता है।
हर अच्छी-बुरी नज़र को मेरे लिए पहचानता है।
दुःख हो या सुख हर वक़्त खड़ा होता है।
दुनिया की धूप-छाँव खुद सह लेता है।
मुझे तक पास नही आता दुःख।
न वो आने देता है।
पर बात ख़ुशी की जब भी आये।
सारा हिस्सा मुझे अपना दे देता है।
एक-एक ख़ुशी चुन्न के।
आँचल वो मेरा भर देता है।
झगड़ा जब वो करता।
खुद आ के मुझे मनाता है।
दोस्त भी बनता है।
समय आने पे माँ-बाप भी बन जाता है।
भाई बहन का रिश्ता ये तेरा मेरा।
सबसे अनमोल,सबसे जुदा कहलाता है। 


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